ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के फायदे तो वेसे कई है पर मगर नुकसान भी वेसे ही होने वाला है। जैसे जो लोग ट्राफिक नियमों का पालन नहीं करते उनके लिए ये बात दिक्कत देने वाली है। और जल्द ही बैंक खातों की तरह ड्राइविंग लाइसेन्स भी अनिवार्य हो जाएगा आज ही सुधर जवों।

क्या आपको ड्रायविंग लाइसेंस के फायदो के बारे मे पता है । अगर पता है, तो क्या आप इसके और फायदो के बारे मे जनना चाहते हो । तो आपको यह लेख पुरा का पुरा पढणा पडेगा । तो आइये हम ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के बारे मे जानने का प्रयास करते है ।

लेकिन इस ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के लीये, आपको सबसे पहले ड्रायविंग लाइसेंस को अपने आधार कार्ड के साथ लिंक करना होगा । अगर आपणे अपणा आधार कार्ड लिंक कराया होगा, तभी आपको, यहा बताए जा रहे सारे फायदे मिल सकते है ।

ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के फायदे

  • आजकल आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। आजकल इसे बच्चे स्कूल में ही बनाते हैं। आजकल इसका उपयोग कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण या आयकर रिटर्न दाखिल करने आदि के लिए भी किया जाता है।
  • होटल बुकिंग से लेकर अस्पताल तक हर जगह आधार कार्ड का इस्तेमाल आजकल हो रहा है। आज आधार कार्ड के बिना कोई भी काम करना संभव नहीं है। कई चीजों में आजकल सरकार ने आधार को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। इन्हीं में से एक है आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करना।
  • भारत में आधार को ड्रायविंग लाइसेंस से लिंक करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करने से आपको कई ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के फायदे मिल सकते हैं। आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आप ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ सकते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के फायदे

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ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के फायदे

ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने का निर्देश निम्नलिखित तरीकों से फायदेमंद होगा:

  • अधिकृत एजेंसियां ​​असली से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस की पहचान कर सकेंगी।
  • आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ने का निर्देश पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी को बढ़ावा देगा।
  • आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ने से पूरा ऑपरेशन एक छतरी के नीचे आ जाएगा।
  • आधार-आधारित एकीकृत मंच अधिकृत एजेंसियों को पूरे भारत में प्रत्येक कार मालिक के लाइसेंस विवरण का लाभ उठाने और सत्यापित करने देगा।
  • एक केंद्रीय ऑनलाइन डेटाबेस ड्राइवरों का विवरण संग्रहीत करेगा। डेटा पूरे भारत में उपलब्ध होगा ताकि कोई भी डुप्लीकेट लाइसेंस का नवीनीकरण न कर सके।
  • परिवहन-विभाग से संबंधित विभिन्न कार्य अब तेज और परेशानी मुक्त होंगे।
  • पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित होगी। इस प्रकार, मैनुअल कार्यवाही के विपरीत, ड्राइविंग टेस्ट पास करने के 72 घंटों के भीतर व्यक्तियों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
  • यदि किसी व्यक्ति के पास कई लाइसेंस हैं, तो परिवहन अधिकारी जाली दस्तावेजों की पहचान करने और आवश्यक कार्रवाई करने में सक्षम होंगे।
  • सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी क्योंकि ड्राइविंग टेस्ट पास किए बिना किसी को भी लाइसेंस नहीं मिल सकता है।

ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने और कैसे प्राप्त करें यहां बताया गया है:

  • आधार और ड्राइविंग लाइसेंस को लिंक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट sarathi.parivahan.gov.in पर जाएं।
  • इसके बाद आप अपने राज्य का चयन करें।
  • इसके बाद आप अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद सर्विस ऑन ड्राइविंग लाइसेंस (नवीनीकरण/डुप्लीकेट/अन्य) विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपको अपनी सारी डिटेल्स भरनी होंगी।
  • इसके बाद आप कंटिन्यू ऑप्शन पर क्लिक करें।
    -फिर अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करें और ‘विवरण प्राप्त करें’ पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आप ‘Proceed’ पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपसे आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगा जाएगा।
  • इसके बाद ओटीपी भी फील करें।
  • इसके बाद आपके ईमेल और मोबाइल नंबर पर कन्फर्मेशन भेजा जाएगा।

आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आप ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ सकते हैं।

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